जयपुर. राजस्थान सरकार ने नई आबकारी नीति जारी कर दी है. साथ ही इसमें कोरोना संकटकाल में बर्बाद हुए उद्योग धंधों को राहत देने के लिहाज से कई स्तर पर राहत भी दी है. इसी कड़ी में अब बीयर की एमआरपी में 30 से 35 रूपए की कमी कर दी गई है. वहीं देशी मदिरा की अधिकतक खुदरा मूल्य में भी कोई वृद्धि नहीं की गई है. राजस्थान सरकार के वित्त (राजस्व) शासन सचिव टी. रविकांत ने नई आबकारी नीति के आदेश जारी किए हैं. राजस्थान सरकार ने जारी की नई आबकारी नीति में कोरोना संकटकाल में बर्बाद हुए उद्योगों और पर्यटन क्षेत्र को बढावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाएं हैं.
1. बीयर पर अतिरिक्त आबकारी ड्यूटी में 10 फीसदी की कमी की गई.
2. भारत निर्मित विदेश मदिरा एवं विदेशी आयातीत मदिरा के अलावा अन्य आबकारी उत्पादों पर कोविड सरचार्ज समाप्त.
3. देशी मदिरा की अधिकमत खुदरा मूल्य में कोई वृद्धि नहीं एवं बीयर के एमआरपी में तीस से 35 रू. की कमी की गई.
4. भारत निर्मित विदेशी मदिरा एवं बीयर पर स्पेशल वेण्ड फीस की समाप्त की गई.
5. शहरी क्षेत्रों की भानिविमा एवं बीयर दुकानों पर वाार्षिक लाइसेंस फीस समाप्त की गई.
6. भारत निर्मित विेदेशी मदिरा व बीयर के एनुलाइज्ड बिल राशि का 7 प्रतिशत कम्पोजिट फीस की गई
7. अग्रिम जमा राशि प्रावधान 14.5 प्रतिशत से घटाकर 8 प्रतिशत किया गया.
8. भारत निर्मित विदेशी मदिरा पर आबकारी ड्यूटी एवं अतिरिक्त आबकारी ड्यूटी नहीं बढाई गई. बीयर पर आबकारी ड्यूटी यथावत रखी गई, कोई बढोत्तरी नहीं की गई.
9. देशी मदिरा एवं राजस्थान निर्मित मदिरा पर आबकारी ड्यूटी क्रमश 175 एवं 185 रू. प्रति एलपीएल तथा बेसिक लाइसेंस फीस क्रमश 44 और 105 रू. प्रति बल्क लीटर की.
10. होटल, रेस्टोरेंट बार लाइसेंस फीस में दस फीसदी की छूट दी गई. पर्यटन और रोजगार को बढावा देने के लिए अनुज्ञाधारियों को मोइक्रो ब्रुवरी स्थापना एवं संचालन की अनुमति