नई दिल्ली। India Population 2025 UN Report पर नजर डालें तो रिपोर्ट के आंकड़े काफी चिंताजनक हैं। संयुक्त राष्ट्र की एक नई जनसांख्यिकी रिपोर्ट के अनुसार भारत की कुल प्रजनन दर, प्रतिस्थापन दर से भी नीचे आ गई है। यूएनएफपीए की 2025 विश्व जनसंख्या स्थिति (SOWP) रिपोर्ट वास्तविक प्रजनन संकट (Fertility rate in India), घटती प्रजनन क्षमता से घबराने के बजाय अपूर्ण प्रजनन लक्ष्यों पर ध्यान देने का आह्वान करती है।
रिपोर्ट में पाया गया है कि भारत की कुल प्रजनन दर घट कर प्रति महिला 1.9 जन्म रह गई है, जो प्रतिस्थापन स्तर 2.1 से नीचे है। इसका अर्थ यह है कि औसतन भारतीय महिलाएं, बिना प्रवास के, एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक जनसंख्या का आकार बनाए रखने के लिए आवश्यक संख्या से कम बच्चे पैदा कर रही हैं। यानी औसतन एक भारतीय महिला दो बच्चे भी पैदा नहीं कर पा रही है।
इसमें कहा गया है कि लाखों लोग अपने वास्तविक प्रजनन लक्ष्य प्राप्त करने में सक्षम नहीं हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक भारत की जनसंख्या 2025 के अंत तक (India population 2025) 1.46 अरब तक पहुंचने का अनुमान है, जो दुनिया में (UN population report India) सबसे अधिक होगी।
जन्म दर में कमी के बावजूद भारत की युवा जनसंख्या अभी भी महत्वपूर्ण बनी हुई है, जिसमें 0-14 आयु वर्ग में 24 प्रतिशत, 10-19 आयु वर्ग में 17 प्रतिशत तथा 10-24 आयु वर्ग में 26 प्रतिशत युवा हैं। देश की 68 प्रतिशत जनसंख्या कार्यशील आयु (15-64) की है, जो पर्याप्त रोजगार और नीतिगत समर्थन के साथ, संभावित जनसांख्यिकीय लाभांश प्रदान करेगी।