साथ ही, अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस तरह का पनडुब्बी से टॉरपीडो हमला किसी अन्य युद्धपोत पर किए गए महत्वाकांक्षी हमले के बाद पहली बार हुआ है — 1945 के बाद.
IRIS Dena एक Moudge-class फ्रिगेट है — ईरान की नौसेना का आधुनिक युद्धपोत — जिसमें लगभग 180 नाविक सवार थे। यह जहाज भारत के विशाखापत्तनम में आयोजित बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास MILAN 2026 में भाग लेने के बाद अपने देश लौट रहा था कि तभी उस पर हमला हुआ।
MULTILATERAL MILAN अभ्यास का उद्देश्य कई देशों के बेड़ों को एक साथ लाना और समुद्री युद्ध कौशल साझा करना होता है, जिसमें IRIS Dena भी शामिल था।
अमेरिका ने इस हमले को आपात और रणनीतिक कारणों से आवश्यक बताया है। अमेरिकी रक्षा अधिकारी Pete Hegseth ने कहा कि जहाज को टॉरपीडो से निशाना बनाया गया जब वह अमेरिकी पनडुब्बी के पास पहुंचा और फिलहाल युद्ध के इस मोड़ पर सीनेट की ओर से कार्रवाई को जायज़ बताया गया है।
यह हमला वर्तमान युद्ध अभियान “Operation Epic Fury” का हिस्सा है जिसमें अमेरिकी सेना ने ईरान की नौसेना को निष्क्रिय करना प्राथमिक लक्ष्य बताया है। इस दौरान अमेरिकियों ने कई ईरानी नौसैनिक संसाधनों पर हमले किए हैं, जिनमें मिसाइल कैरियर्स और अन्य जहाज़ भी शामिल हैं।
कम से कम 80 लोगों की मौत हुई है और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि दर्जनों लापता बताए जा रहे हैं।
श्रीलंकाई नौसेना ने बचाव अभियान में लगभग 30-32 नौसैनिकों को बचाया है।
अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में घटना के बाद वैश्विक समुद्री सुरक्षा, व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा, और राजनीतिक विमर्श को लेकर चिंताएँ बढ़ी हैं।
भारत के लिए भी यह घटना महत्वपूर्ण है क्योंकि IRIS Dena हाल ही में भारत-प्रायोजित अभ्यास में शामिल था और अब भारत-अमेरिका तथा भारत-ईरान के बीच कूटनीतिक प्रतिक्रियाओं पर प्रभाव पड़ेगा।
यह हमला संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल बनाम ईरान के वर्तमान संघर्ष को और गहरा कर रहा है। युद्ध के इसी हिस्से में कई गुना हवाई हमले, मिसाइलें और ड्रोन हमले भी जारी हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ रहा है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह की कार्रवाई से समुद्री प्रतिष्ठा, ऊर्जा आपूर्ति, और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ेगा, क्योंकि ईरान खाड़ी और हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी सैन्य पहुंच रखता है।
ईरानी युद्धपोत IRIS Dena को अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो से डुबो दिया।
यह जहाज भारत में हुए MILAN 2026 अभ्यास के बाद वापस लौट रहा था।
लगभग 80 नाविक मारे गए और कई लापता।
घटना श्रीलंका तट के पास अंतरराष्ट्रीय जल में हुई।
यह घटना Operation Epic Fury जैसे बड़े सैन्य अभियान का हिस्सा है जिसमें अमेरिका ईरानी नौसेना को निशाना बना रहा है।